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चीन और ताइवान: दुनिया का सबसे अनोखा रिश्ता

पिछले दिनों ताइवान की राजधानी ताइपे में गोल्डन होर्स अवॉर्ड कार्यक्रम में ताइवानी निर्देशक फ़ू युए को बेस्ट डॉक्युमेंट्री के लिए सम्मान मिला. अपने भाषण में फ़ू युए ने कहा कि वह चाहती हैं कि उनके देश ताइवान को स्वतंत्र देश के रूप में पहचाना जाए. इस घटना ने मानो चीन और ताइवान के रिश्तों की दुखती रग पर हाथ रख दिया. उनका यह कहना था कि चीन से आई हस्तियों ने इसका विरोध किया और कुछ लोग कार्यक्रम से चले गए. कुछ ने कार्यक्रम में ही 'चीनी ताइवान' के नारे लगाए यानी ताइवान को चीन का हिस्सा बताया गया. बाद में ताइवान की प्रधानमंत्री साई इंग-वेन ने फेसबुक पोस्ट के जरिए अपने देश की निर्देशक के भाषण का बचाव किया और कहा कि हम नहीं मानते कि ताइवान 'चीनी ताइवान' है. इसके बाद से ताइवान और चीन के बीच तनाव पैदा हो गया है. क्या है विवाद की वजह 'पीपल्स रिपब्लिक ऑफ़ चाइना' और 'रिपब्लिक ऑफ़ चाइना' एक-दूसरे की संप्रभुता को मान्यता नहीं देते. दोनों खुद को आधिकारिक चीन मानते हुए मेनलैंड चाइना और ताइवान द्वीप का आधिकारिक प्रतिनिधि होने का दावा करते रहे हैं. जिसे हम ची...

श्रीलंका में जारी सियासी संकट के सभी अनसुलझे सवालों के जवाब

श्रीलंका में इस वक़्त जो कुछ हो रहा है वो 'हाउस ऑफ़ कार्ड्स', 'गेम ऑफ़ थ्रोन्स' और शेक्सपियर को डरावने रोमन नाटकों के बीच कहीं फ़िट होता है. इसमें एक ऐसा शख़्स है जिसमें अपने नेता को धोखा दिया और बाद में उसे ही वापस सत्ता में ले आया. इसमें एक हत्या का कथित प्लॉट है. इसमें दो ऐसे लोग हैं उस सफ़ेद बंगले पर अपना दावा ठोंक रहे हैं जो श्रीलंका की राजनीतिक ताक़त का प्रतीक है. इस ख़ूबसूरत देश को किस तरह का संवैधानिक संकट जकड़े हुए है? इस सवाल के कई जवाब हैं, जो कुछ ऐसे हैं: संकट कैसे पैदा हुआ? इसका जवाब अपने आप में काफ़ी उलझा हुआ हुआ है क्योंकि इस कहानी में कई ट्विस्ट और टर्न हैं. पिछले हफ़्ते श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने प्रधानमंत्री रानिल विक्रमासिंघे को पद से हटाकर पूरे देश को चौंका दिया. सिरिसेना ने कैबिनेट और संसद भी भंग कर दी . इससे भी ज़्यादा नाटकीयता तब सामने आई जब सिरिसेना ने महिंदा राजपक्षे को प्रधानमंत्री के पद पर नियुक्त कर दिया, उसी राजपक्षे को जिसे उन्होंने साल 2015 के राष्ट्रपति चुनाव में हराया था.  महिंदा राजपक्षे ने 2005-2015 ...

साईं समाधि के 100 साल: मोदी ने बाबा की आरती की, उनके नाम का चांदी का सिक्का जारी किया

पुणे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को साईं समाधि शताब्दी समारोह में शामिल होने के लिए शिरडी पहुंचे । उन्होंने साईं बाबा की आरती में हिस्सा लिया। मोदी ने 475 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की नींव रखी। इससे पहले महाराष्ट्र पुलिस ने सुबह महिला अधिकार कार्यकर्ता तृप्ति देसाई को हिरासत में ले लिया। उन्होंने केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के मुद्दे पर मोदी से मिलने की इच्छा जताई थी। पुलिस को लिखी चिट्ठी में धमकी दी थी कि अगर उन्हें प्रधानमंत्री से नहीं मिलने दिया तो वे उनका काफिला रोक देंगी । तृप्ति देसाई शिंगणापुर के शनि मंदिर समेत अन्य धार्मिक स्थलों पर महिलाओं को उनका हक दिलाने के लिए आंदोलन कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि हम विजयादशमी के मौके पर हम लोग शिरडी जा रहे थे। पुलिस पहले ही मेरे घर के आसपास मौजूद थी। उन्होंने हमें आगे नहीं बढ़ने दिया। विरोध करना हमारा संवैधानिक अधिकार है। यह नरेंद्र मोदी के द्वारा हमारी आवाज दबाने की कोशिश है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गुरुवार को सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल की महिलाओं को प्रवेश दिया जाना था, लेकिन हिंसक विरोध के चलते...