मां बनने वाली खिलाड़ियों की रैंकिंग अब तीन साल तक सुरक्षित रहेगी
अब महिला टेनिस खिलाड़ियों की रैंकिंग मां बनने के कारण नीचे नहीं आएगी। अंतरराष्ट्रीय महिला टेनिस संघ (डब्ल्यूटीए) ने गुरुवार को यह फैसला किया। ऐसी खिलाड़ियों की रैंकिंग ब्रेक लेने से तीन साल की अवधि तक सुरक्षित रहेगी। यह लाभ चोट के कारण बाहर होने वाली खिलाड़ियों को भी दिया जाएगा। हालांकि, डब्ल्यूटीए ने इस खिलाड़ियों को टूर्नामेंट सीडिंग देने की गारंटी से इनकार कर दिया है।
किसी टूर्नामेंट में सीडिंग मिलेगी या नहीं इसकी गारंटी नहीं : डब्ल्यूटीए
सीडिंग देने के मामले में डब्ल्यूटीए की दलील है कि इसे देने का अधिकार टूर्नामेंट के आयोजकों के पास ही रहेगा। हालांकि, इतनी गारंटी दी गई है कि ऐसी खिलाड़ियों को पहले राउंड में किसी सीडेड खिलाड़ी से मुकाबला नहीं करना होगा।
अमेरिकी टेनिस स्टार सेरेना विलियम्स ने 2017 में मां बनने के बाद इस साल फरवरी में वापसी की थी, लेकिन उन्हें फ्रेंच ओपन में कोई सीडिंग नहीं दी गई। हालांकि, विम्बलडन में उन्हें 25वीं दी गई थी। उस वक्त वे रैंकिंग के लिहाज से टॉप 32 से बाहर थीं।
डब्ल्यूटीए ने खिलाड़ियों को ड्रेस कोड के लिहाज से भी राहत दी है। अमेरिकी स्टार सेरेना विलियम्स अब अपना मशहूर ब्लैक कैट सूट पहन सकेंगी। डब्ल्यूटीए ने कहा कि लेंगिंग और मिड थाई कम्प्रेशन शॉर्ट्स को बिना स्कर्ट के भी पहना जा सकेगा।
चीन यून को वाइन पोत के आकार में बनाया गया है। 1,731 फीट (528 मीटर) की यह इमारत दुनिया की आठवीं सबसे ऊंची इमारत है। इस साल की सबसे ऊंची इमारतों के मामले में एशियाई शहरों का दबदबा रहा। इनमें हो ची मिन्ह सिटी (वियतनाम), चांग्शा, चीन के शहर शामिल हैं। इन जगहों पर पिछले 12 महीनों में 1312 फीट (400 मीटर) से भी ज्यादा ऊंची इमारतें बनाई गईं।
दक्षिण अमेरिका में ब्यूनस आयर्स (अर्जेंटीना), बोगोटा (कोलंबिया) में भी स्काईस्क्रैपर बनाए गए। सैन फ्रांसिस्को और मियामी में क्रमश: 326 मीटर (1,070 फीट) सेल्सफोर्स टावर और 252 मीटर (827 फीट) पैनोरमा टावर के रूप में स्काईस्क्रैपर बनाए गए हैं। एशिया से बाहर इस साल सबसे ऊंची इमारत के मामले में फिलाडेल्फिया का कॉमकास्ट टेक्नोलॉजी सेंटर 342 मीटर (1,121 फीट) है। यह शहर में सबसे ऊंचा स्काईस्क्रैपर है।
सीटीबीयूएच की रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 में दुनिया में 120 मीटर से 150 नए स्काईस्क्रैपर बनाए जा सकते हैं। हालांकि, उसकी वार्षिक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि स्काईस्क्रैपर की बढ़ती संख्या से चीन की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, "अगर चीन के खिलाफ कोई टैरिफ लगाया जाता है तो वैश्विक निर्माण उद्योग, विशेष रूप से स्टील इम्पोर्ट के मामले में चीन को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।"
किसी टूर्नामेंट में सीडिंग मिलेगी या नहीं इसकी गारंटी नहीं : डब्ल्यूटीए
सीडिंग देने के मामले में डब्ल्यूटीए की दलील है कि इसे देने का अधिकार टूर्नामेंट के आयोजकों के पास ही रहेगा। हालांकि, इतनी गारंटी दी गई है कि ऐसी खिलाड़ियों को पहले राउंड में किसी सीडेड खिलाड़ी से मुकाबला नहीं करना होगा।
अमेरिकी टेनिस स्टार सेरेना विलियम्स ने 2017 में मां बनने के बाद इस साल फरवरी में वापसी की थी, लेकिन उन्हें फ्रेंच ओपन में कोई सीडिंग नहीं दी गई। हालांकि, विम्बलडन में उन्हें 25वीं दी गई थी। उस वक्त वे रैंकिंग के लिहाज से टॉप 32 से बाहर थीं।
डब्ल्यूटीए ने खिलाड़ियों को ड्रेस कोड के लिहाज से भी राहत दी है। अमेरिकी स्टार सेरेना विलियम्स अब अपना मशहूर ब्लैक कैट सूट पहन सकेंगी। डब्ल्यूटीए ने कहा कि लेंगिंग और मिड थाई कम्प्रेशन शॉर्ट्स को बिना स्कर्ट के भी पहना जा सकेगा।
चीन यून को वाइन पोत के आकार में बनाया गया है। 1,731 फीट (528 मीटर) की यह इमारत दुनिया की आठवीं सबसे ऊंची इमारत है। इस साल की सबसे ऊंची इमारतों के मामले में एशियाई शहरों का दबदबा रहा। इनमें हो ची मिन्ह सिटी (वियतनाम), चांग्शा, चीन के शहर शामिल हैं। इन जगहों पर पिछले 12 महीनों में 1312 फीट (400 मीटर) से भी ज्यादा ऊंची इमारतें बनाई गईं।
दक्षिण अमेरिका में ब्यूनस आयर्स (अर्जेंटीना), बोगोटा (कोलंबिया) में भी स्काईस्क्रैपर बनाए गए। सैन फ्रांसिस्को और मियामी में क्रमश: 326 मीटर (1,070 फीट) सेल्सफोर्स टावर और 252 मीटर (827 फीट) पैनोरमा टावर के रूप में स्काईस्क्रैपर बनाए गए हैं। एशिया से बाहर इस साल सबसे ऊंची इमारत के मामले में फिलाडेल्फिया का कॉमकास्ट टेक्नोलॉजी सेंटर 342 मीटर (1,121 फीट) है। यह शहर में सबसे ऊंचा स्काईस्क्रैपर है।
सीटीबीयूएच की रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 में दुनिया में 120 मीटर से 150 नए स्काईस्क्रैपर बनाए जा सकते हैं। हालांकि, उसकी वार्षिक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि स्काईस्क्रैपर की बढ़ती संख्या से चीन की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, "अगर चीन के खिलाफ कोई टैरिफ लगाया जाता है तो वैश्विक निर्माण उद्योग, विशेष रूप से स्टील इम्पोर्ट के मामले में चीन को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।"
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